Rizq Me Kushadgi Aur Barkat Ka Wazifa रिज़्क़ में कुशादगी और बरकत का वज़ीफ़ा

रिज़्क़में कुशादगी और बरकत

Rizq Me Kushadgi Aur Barkat Ka Wazifa,”जब रिज़्क़ और बरकतका तालिब हो तो अल्लाह तआला के ये असमा मख़्मस में लिखे और अपनीहाजत इसके वुस्त में लिखे फिर आयत शरीफा का तीनसौ तेरह दफा पढ़कर और हर सैकड़े पर जो मुनासिब हो दुआमांगनी चाहिए. अम्बर मुश्कसे बख़ूर यानि धुनी करनी चाहिए. और जिक्रशुरू कर देना चाहिए. ये नक्शमख़्मस अमामा में रहे.तमाम जिक्र करने के आठ दिन है और अल्लाह करीम की जानिबसे है. ये दुआ पढ़नी चाहिए.

और नक्श ये है

बराऐतरक्की तिजारत

इस्मको सवा लाख बार पढ़े एक चिल्ले मेंदूसरा तरीका दो हज़ारदस मर्तबा चालीस दिन में पढ़ें. तीसरा तरीका रोज़ाना आठ सौ चार मर्तबा पढ़ें इस नक्शको नेक साअत में लिखसकर माल में रखे. नक्श ये है

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