Musibat Ko Door Karne Ka Amal

Musibat Ko Door Karne Ka Amal

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Musibat Ko Door Karne Ka Amal

ये हश्त आयात पाक अकसीर आजम की सिफ़त रखते हैं. दीन व दुनिया की आफत से निजात पाये. विर्द करने वाला अगर कोई शख़्स नाहक़ किसी मामला में माखूज़ हो गया हो अगर खून नाहक़ का ही इलज़ाम हो तो बहुक्मे ख़ुदा बरी हो अगर कर्ज़दार हो तो कर्ज़ अदा हो. ग़र्ज कोई काम व कोई मुसीबत हो तो ख़ुदा रहम    फ़रमाता हैं. तरकीब ये हैं की आठों सलाम इस तरह पढ़े कि बाद नमाज़ फ़ज्र चालीस बार, बाद नमाज़े ज़ोहर तीस बार, बाद नमाज़ असर बारह बार, बाद नमाज़ मग़रिब ग्यारह बार, बाद नमाज़ इशा आठ बार अव्वल व आखिर दुरुद शरीफ़ ग्यारह ग्यारह बार पढ़े. इन्शा अल्लाह तआला इक्कीस यौम में कामयाबी होगी. मगर क़र्ज़ के वास्ते चालीस यौम तसख़ीर खलाईक हर हालत में होती हैं. इसकी ख्वास असर किसी काम के वास्ते विर्द कर दें तसख़ीर आम साथ साथ होगी अगर कोई शख़्स एक सौ एक बार एक बैठक में पढ़े तो वह अजीब व ग़रीब असर देखेगा.

आयात मुबारका ये हैं:-

Musibat Ko Door Karne Ka Amal

2 Comments

  1. AssalamuAlykum bad batana chahta hu ki Hamari ghar ki kuch pareshaniyan bahot salo se he jo Asaan honeka naam hi nahi le rahi aur kisi bhi kaam me gaib se rukawat ajati he har khaas kaam adhure reh jate he Aur ek ke bad ek pareshani badhti hi jati he aur paise to jaise Aate he waise hi chale jate he me aapse guzarish karta hu ki iska koi khaas ilaaj batayen

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