Maktubat Garaami मक़तूबात गरामी

 मक़तूबात गरामी 

 
मक़तूबात का ये मजमूआ जनाब सैयदा शाह फखुद्दीन अशरफ मुतवल्ली सजादा नशीन  के जाती  जखीरामें मौजूर है. पूरा मजमूआमअ मुकदमात  मक़तूबात केमूर्र्तिब के गरांकदर इजाफ़ात परमुशतमिल हैमुकदमेसे ये हैसियतआशकार होती हैकितरतीब तदवीनका काम दोअसहाबे के हाथोपाये तकमील कोपहुंचा हैI इसकेजामे अव्वल हजरतनिजाम यमीनी जोहजरत के मुरीद खलीफा थेऔर जामे सनीहाजी  अब्दुर्रज्जाकनुरुल ऐन रह0 थे. इसकाम को पायेतकमील तक पहुंचानेके बाद जोकतआ तारीख कहागया है  इसका आखिरीशेर इस तरहहै
                            चूं  तकतूबात सानी याफ़ततरकीब                             पये    तारीख    मक़तूबात  आमेद
मख्दूम साहब के खुतूत  कामुतालेआ तसव्वुफ़ औरतअललुक मअ अल्लाहको बेहतर तौरपर समझनेके लिए एकनेअमत गैर मुतरककबाहै. इसमें सूफीके कल्ब कासोजगराज भी मिलताहै और तहकीफ तदकीक  कि चाशनीभी.

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