Har Musibat Se Nijaat Pane Ka Wazifa हर मुसीबत से निजात पाने का वज़ीफ़ा

Har Musibat Se Nijaat Pane Ka Wazifa,शर और सख़्तियों से बचने का इरादा करे तो इसको चाहिए कि तजदीद वज़ू करके दो रकअत नमाज़  नफल अदा करे फिर पुरे चार सौ मर्तबा पढ़े फिर चार सौ पचास दफा और इसी क़दर दुरुद शरीफ़ फिर इसी क़दर पढ़े और हेर सदी के बाद तीन मर्तबा ये कहता रहें. और अपनी हाजत को याद करके दुआ मांगे.

हलुल मुश्किलात के लिए

जब कोई मुश्किल पेश आये तो चाहिए कि वज़ू कामिल ख़ुलूत दो रकअत  नमाज़ पढ़े और फिर ये दुआ बतादाद हुरूफ़  219 बार पढ़े. और सजदे में अपनी हाजत तलब करें.
तीन रोज़ तक मुतवातिर अमल करें.

नक़्श बराऐ हलुल मुश्किलात 

 हलुल मुश्किलात

जब कोई मुश्किल दर पेश हो तो बाद नमाज़े इशा जैल कि दुआ ग्यारह सौ मर्तबा पढ़े. अव्वल व आखिर दुरुद शरीफ़ 40 यौम तक पढ़े. 3 पांच सौ एक बार बाद नमाज़ इशा अव्वल व आखिर एक एक सौ मर्तबा दुरुद शरीफ़ पढ़कर सजदे में सर रखकर अल्लाह से मुश्किल आसान होने कि दुआ करें.

नक़्श बराऐ आमाल हुब व तस्खनिर बराऐ हुब

ये नक़्श लिखकर ज़मीन में दफ़न कर दें ऊपर से सुई चुभो दें.
नक़्श 
 
40 यौ मतलूब को पिलायें मुर्ग़ी के अण्डे में रखकर चूल्हे में दफ़न करें.
तालिब अपने दाहिने बाज़ू पर बांधे.

नक़्श बराऐ हुब

तालिब अपने बाज़ू पर बांधे.
नक़्श 
मज़कूरा नक़्श को तालिब अपने दाहिने बाज़ू पर बांधे.

नक़्श बराऐ हुब

किसी फलदार दरख़्त में लटकायें.
नक़्श

नोट:-  आमिल हज़रात हुब के ताविजात जायज़ सूरत में लिखें. वरना इसका असर उलट भी हो सकता है.

दीगर बराऐ हुब

जब ये दुआ चीनी कि तशतरी में लिखकर जाफ़रान मुश्क गुलाब से लिखकर मतलूब को पिलायें. दुआ ये है. 

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