Har Mushkilat Ko Hal Karne Ka Amal हर मुश्किलात को हल करने का अमल

 मुश्किलात को हल करने का अमल 

एक सौ ग्यारहबार अव्वल आखिर दुरुद शरीफ11-11 बार पढ़े  3 या 7 दिन मेंवरना ज्यादा सेज्यादा 21 रोज़ मेंमकसद पूरा हो. इस के लिएवक़्त बाद नमाज़इशा बेहतर है.

नक़्श बराऐ हुसूलमददआ

इस तावीज़ को मुश्फ़ जाफरान सेया रोशनाई सेलिखकर गले मेंडाला जाये यादिवार पर लटकायाजाये.

मुश्किल कामों के अन्जामके लिए

जब कोई मुश्किलदर पैश आयेतो इस दुआको तीन रोज़मवाफ़िके शराईत के 69 बारहर रोज़ पढ़े.

मुश्किलात और हरतरह के बुखारके लिए तावीज़

वास्ते मुश्किलात आसान होनेको चार सौपचास मर्तबा मज़कूरा दुआको सात दफ़ापढ़े वह मुश्किलइन्शा अल्लाह आसानहो जायेगी.मिन्जुमलाइन चीज़ो केजो बुख़ारात केदूर करने कोमुफ़ीद हैं.इसजदूल पर आयतशरीफ हैं.

नक़्श

नक़्श बराऐ हलुलमुश्किलात

बराऐ हलुल मुश्किलात

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हलुल मुश्किलात और रिज़्क़में कुशादगी नक़्श  

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