Dua Qabool Hone Ka Istikhara दुआ क़बूल होने का इस्तीखरा

Dua Qabool Hone Ka Istikhara,”जिससे हाल मालूमहो और मुर्देसे मुलाकात भीहो सकती है. अव्वल दो रकअतनमाज़ पढ़े. पहलीरकअत नामज पढ़े. पहली रकअत मेंसूरे फातिहा केबाद सूरे वशशम्स सात बारदूसरी में सूरेवल्लेयल सात बारअलहम्द शरीफ़ केबाद और इसनक्श को लिखकरअपने तकिये केनिचे रखकर सोजायें. हल मालूमहोगा. और अगरमुर्दे से मुलाकातकरनी है तोमुलाकात होगी.
नक्श येहै:-
 
   दीगर:इस नक्शको जाफ़रान सेलिखकर सफ़ेद काग़ज़पर सोते वक़्तदाहिने बाज़ू परबांध कर सोजायें इंशा अल्लाहकुल हाल मालूमहो जायेगा. अगरपहले शब में हो तोमुतवातिर तीन हसाबके अंदर मालूमहो जायेगा.

नक्श

   दीगर: अव्वल आख़िर सौ बारदुरुद शरीफ़ केबाद पढ़कर नियत काम काख्याल करके मालिकेहकीकी से अर्जकरके बावज़ू शबमें सो जायें. इंशा अल्लाह ख्वाबमें सब हालमालूम हो जायेगा.
   दीगर:पीर याजुमेरात या बुधइन रातों मेंकिसी रात कोलिखकर और अपनेमकसद का  तसव्वुर करके अपनेसरहाने रखकर सोजायें इंशा अल्लाहतआला तमाम हालतमालूम हो जायेंगेऔर शर्त परहेजनहीं है.
नक्श
 
   दीगर:किसी मामलेमें हैरान परेशानहो तो सोनेसे क़ब्ल 100 मर्तबादुरुद शरीफ़ फिर  200 मर्तबाबस इसी क़दरफिर दुरुद शरीफ़100 मर्तबा पढ़ो बादख़त्म इस मकसदके हाल होनेकी दुआ करकेपाक बिस्तर परबावज़ू सो जाओइंशा अल्लाह तआलाइसी शब मेंहाल मालूम होजायेगा.
   दीगर:बाद तहारत  वज़ू के हज़ारबार ला हौलवला कुव्वत इल्लाबिल्लाह तक पढ़े. और इस नक्शमसलस को लिखकरतकिये के निचेरखे जो दिलीमुराद हो उसकातसव्वुर करके सोये.
नक्श येहै
   दीगर:ये तावीज़जुम्ला मक़ासिद और जुम्लाकामों में बेहतरहै लिखकर मोमजामा करके बांधेजाफरान से लिखेऔर धोकर पिलायें. रात में सोतेवक्त सिरहाने रखकरकाम या अहवालका तसव्वुर करकेसो जायें. ख्वाबसब हाल अहवाल मालूम होजायेंगे.
नक्श येहै:-
  दीगर:- बुध जुमेरातजुमा की रातको बराबर नमाज़इशा के बादसब कामो सेफ़ारिग़ होकर बिस्मिल्लाहहिर्रहमानिर्रहीमतीन सौ मर्तबापढ़कर सूरे अलमनशरह मअ बिस्मिल्लाह175 बार पढ़े औरअपने मुँह औरसीने पैर दमकरे और ख़ुदावन्दतआला दुआकरे कि फलांअम्र में जोहोने वाले हैवह मुझ कोख्वाब या गुनदगीमें किसी आवाज़देने वाले कीआवाज़ से मालूमकरा दे इसकेबाद ये दुरुदशरीफ एक सौमर्तबा पढ़ केरसो जायें. दुरुदये है
बाद नमाज़ इशा बातहारत मुअत्तर मुसफ्फा बिस्तर पर लेटे. अव्वल 5 बार दुरुद पढ़कर लातादाद बार अन्नूर अलबासित पढ़ते रहे नींद आने लगे तो 5 बार दुरुद शरीफ पढ़कर सो जायें. सिर्फ दिल में रहे.

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